न था। ब्रिगेडियर इन्नेस के अनुसार-‘‘विद्रोहियों ने कुल मिलाकर छŸाीस बार बारूद लगया था। विद्रोहियों की तोपे भी अखंड मार करती रहीं। आसपास छिपी जगहांे से सिपाहियों की बंदूकों से छूटती अचूक गोलियां, अंगे्रजों की ओर से आती जवाबी गोलियां, एक-दूसरे के शिविरों से गुप्त जानकारी लाने के लिए रात के अंधियारे में निकली टोलियांे की प्राणघाती कुश्तियां, परकोटे के अंदर और बाहर कान में बातें करते लोगों की करतूतें। दूसरी ओर छिपे बैठे दूसरे पक्ष ने बातें सुनीं,
न था। ब्रिगेडियर इन्नेस के अनुसार-‘‘विद्रोहियों ने कुल मिलाकर छŸाीस बार बारूद लगया था। विद्रोहियों की तोपे भी अखंड मार करती रहीं। आसपास छिपी जगहांे से सिपाहियों की बंदूकों से छूटती अचूक गोलियां, अंगे्रजों की ओर से आती जवाबी गोलियां, एक-दूसरे के शिविरों से गुप्त जानकारी लाने के लिए रात के अंधियारे में निकली टोलियांे की प्राणघाती कुश्तियां, परकोटे के अंदर और बाहर कान में बातें करते लोगों की करतूतें। दूसरी ओर छिपे बैठे दूसरे पक्ष ने बातें सुनीं,