1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

की दीवार में ऐसा रास्ता बनाया होता तो उन्होंने आधे घंटे मंे उस रेसीडेंसी को खंडहर बना दिया होता। दोपहर दो बजे तक विद्रोहियों में ऐसी शूरता और देशभक्ति के पक्ष में भीरूता हो, यह कितना बड़ा दुर्भाग्य! दौड़ो, कोई तो आगे बढ़ो, इस दुर्भाग्य का कंठच्छेद करने दौड़ों दिन के पांच बजे हैं और आक्रमण लगभग विफल हो गया है। तथापि तत्कालीन विजय के लिए नही ंतो भी सर्वकालीन सफलता के लिए दौड़ो, कोई तो दौड़ो! कैप्टन सांडर्स-अब


1405 of 2102

की दीवार में ऐसा रास्ता बनाया होता तो उन्होंने आधे घंटे मंे उस रेसीडेंसी को खंडहर बना दिया होता। दोपहर दो बजे तक विद्रोहियों में ऐसी शूरता और देशभक्ति के पक्ष में भीरूता हो, यह कितना बड़ा दुर्भाग्य! दौड़ो, कोई तो आगे बढ़ो, इस दुर्भाग्य का कंठच्छेद करने दौड़ों दिन के पांच बजे हैं और आक्रमण लगभग विफल हो गया है। तथापि तत्कालीन विजय के लिए नही ंतो भी सर्वकालीन सफलता के लिए दौड़ो, कोई तो दौड़ो! कैप्टन सांडर्स-अब


1405 of 2102