1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

संभालो इस ध्येयनिष्ठों की दौड़ को। और यह क्रोधित यमों की टोली सीधे चली आ रही है। अंगे्रजों की गोलियों की परवाह न करते वह सीधी बढ़ रही है-वह उनकी दीवार से टकराकर उसे अपने सीने की टक्कर मार रही है-अंगे्रजों ने बंदूकें फेंककर इस आमने-सामने की लड़ाई में बैनेट ले ली-जय स्वतंत्रता! वाह रे वीर! उसने अपने हाथ से परकोटे के ऊपर से मार करनेवाली अंगे्रजी बैनेट को दबाकर छीन लिया। वाह रे वीर! उसने अपने हाथ से परकोटे


1406 of 2102

संभालो इस ध्येयनिष्ठों की दौड़ को। और यह क्रोधित यमों की टोली सीधे चली आ रही है। अंगे्रजों की गोलियों की परवाह न करते वह सीधी बढ़ रही है-वह उनकी दीवार से टकराकर उसे अपने सीने की टक्कर मार रही है-अंगे्रजों ने बंदूकें फेंककर इस आमने-सामने की लड़ाई में बैनेट ले ली-जय स्वतंत्रता! वाह रे वीर! उसने अपने हाथ से परकोटे के ऊपर से मार करनेवाली अंगे्रजी बैनेट को दबाकर छीन लिया। वाह रे वीर! उसने अपने हाथ से परकोटे


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