1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

अपनी तलवार घुमाते हुए अपने अनुयायियों को ‘चलो-चलो कहकर आह्यन करने लगा। उसके आह्यन को कोई उŸार दे उसके पूर्व ही एक गोली ने उसे नीचे गिरा दिया। परंतु उसी समय उसकी जगह दूसरा कूद पड़ा। उसे भी गोली ने नीचे गिराया। उस टुकड़ी का नेता भी गोली से गिरा। यह देखते ही बाकी के सिपाही दुबककर पीछे खिसके ।’’ उपर्युक्त तीन वीरों का विदेशी व्यक्ति द्वारा वर्णित शौर्य दिल्ली में निकल्सन की ओर के साहस के मुकाबले का था। पर


1409 of 2102

अपनी तलवार घुमाते हुए अपने अनुयायियों को ‘चलो-चलो कहकर आह्यन करने लगा। उसके आह्यन को कोई उŸार दे उसके पूर्व ही एक गोली ने उसे नीचे गिरा दिया। परंतु उसी समय उसकी जगह दूसरा कूद पड़ा। उसे भी गोली ने नीचे गिराया। उस टुकड़ी का नेता भी गोली से गिरा। यह देखते ही बाकी के सिपाही दुबककर पीछे खिसके ।’’ उपर्युक्त तीन वीरों का विदेशी व्यक्ति द्वारा वर्णित शौर्य दिल्ली में निकल्सन की ओर के साहस के मुकाबले का था। पर


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