अनुयायियों के डरपोकपन से ऐसी शूरता विफल हो जाए और तीन सैनिक गिरने पर अधिक उन्माद से आगे घुसना छोड़कर हजारों लोग पीछे लौट पड़े-इस लज्जास्पद बात का गहरा तात्पर्य है।
यद्यपि वे बार-बार लौटाए गए, तब भी बार-बार होनेवाले आक्रमण और हर दिन पड़नेवाली विद्रोहियों की तोपों और बंदूकों की अखंड मार के कारण अब अंगे्रजो को, अपने राजनिष्ठ नेटिवों की भारी सहायता होते हुए भी, टिके रहना असहनीय होता जा रहा था। इतने में
अनुयायियों के डरपोकपन से ऐसी शूरता विफल हो जाए और तीन सैनिक गिरने पर अधिक उन्माद से आगे घुसना छोड़कर हजारों लोग पीछे लौट पड़े-इस लज्जास्पद बात का गहरा तात्पर्य है।
यद्यपि वे बार-बार लौटाए गए, तब भी बार-बार होनेवाले आक्रमण और हर दिन पड़नेवाली विद्रोहियों की तोपों और बंदूकों की अखंड मार के कारण अब अंगे्रजो को, अपने राजनिष्ठ नेटिवों की भारी सहायता होते हुए भी, टिके रहना असहनीय होता जा रहा था। इतने में