1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

अनुयायियों के डरपोकपन से ऐसी शूरता विफल हो जाए और तीन सैनिक गिरने पर अधिक उन्माद से आगे घुसना छोड़कर हजारों लोग पीछे लौट पड़े-इस लज्जास्पद बात का गहरा तात्पर्य है।

यद्यपि वे बार-बार लौटाए गए, तब भी बार-बार होनेवाले आक्रमण और हर दिन पड़नेवाली विद्रोहियों की तोपों और बंदूकों की अखंड मार के कारण अब अंगे्रजो को, अपने राजनिष्ठ नेटिवों की भारी सहायता होते हुए भी, टिके रहना असहनीय होता जा रहा था। इतने में


1410 of 2102

अनुयायियों के डरपोकपन से ऐसी शूरता विफल हो जाए और तीन सैनिक गिरने पर अधिक उन्माद से आगे घुसना छोड़कर हजारों लोग पीछे लौट पड़े-इस लज्जास्पद बात का गहरा तात्पर्य है।

यद्यपि वे बार-बार लौटाए गए, तब भी बार-बार होनेवाले आक्रमण और हर दिन पड़नेवाली विद्रोहियों की तोपों और बंदूकों की अखंड मार के कारण अब अंगे्रजो को, अपने राजनिष्ठ नेटिवों की भारी सहायता होते हुए भी, टिके रहना असहनीय होता जा रहा था। इतने में


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