स्थिति देखकर हैवलाॅक मन से उद्विग्न तो हो गया, पर वह निराश नहीं हुआ। उसने वैसे ही आगे कूच किया। उन्नाव के पास विद्रोहियों ने उसे पहली टक्कर दी। देकर वे आगे दौड़ गए। उन्नाव की लड़ाई लड़कर थके सैनिकों को हैवलाॅक ने केवल भोजनाकाश दिया। भोजन निपटते ही फिर आगे कूच। फिर से आगे दौड़ जीतीं।
परंतु यह जीत है क्या? इस एक दिन में उसकी मुट्ठी भर सेना का 6वां भाग समाप्त हुआ और विद्रोहियों का इस विजय से तिनका भी नहीं
स्थिति देखकर हैवलाॅक मन से उद्विग्न तो हो गया, पर वह निराश नहीं हुआ। उसने वैसे ही आगे कूच किया। उन्नाव के पास विद्रोहियों ने उसे पहली टक्कर दी। देकर वे आगे दौड़ गए। उन्नाव की लड़ाई लड़कर थके सैनिकों को हैवलाॅक ने केवल भोजनाकाश दिया। भोजन निपटते ही फिर आगे कूच। फिर से आगे दौड़ जीतीं।
परंतु यह जीत है क्या? इस एक दिन में उसकी मुट्ठी भर सेना का 6वां भाग समाप्त हुआ और विद्रोहियों का इस विजय से तिनका भी नहीं