बिठूर पर आक्रमण कर कानपुर मंे जमे जनरल नील में न होेने से उसने यह आवश्यक बात हैवलाॅक को सूचित की। अब लखनऊ की ओर जाने का नाम भी लेना असंभव था। इसलिए 12 अगस्त को हैवलाॅक गंगा उतरकर कानपुर लौट आया। अंगे्रजी सेना के पीछे हट जाने के समाचार का बिगुल जब अवध ने सुना तो मानो इधर-उधर स्वदेश मुक्ति की जय-दुुदुंभि गरज रही है-ऐसा हर्ष ध्वनि से जयनाद होने लगा। अवध के दरवाजे में घुसना चाहती परवशता को इस तरह गंगा
बिठूर पर आक्रमण कर कानपुर मंे जमे जनरल नील में न होेने से उसने यह आवश्यक बात हैवलाॅक को सूचित की। अब लखनऊ की ओर जाने का नाम भी लेना असंभव था। इसलिए 12 अगस्त को हैवलाॅक गंगा उतरकर कानपुर लौट आया। अंगे्रजी सेना के पीछे हट जाने के समाचार का बिगुल जब अवध ने सुना तो मानो इधर-उधर स्वदेश मुक्ति की जय-दुुदुंभि गरज रही है-ऐसा हर्ष ध्वनि से जयनाद होने लगा। अवध के दरवाजे में घुसना चाहती परवशता को इस तरह गंगा