1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

लखनऊ शहर की मध्य बस्ती के रास्ते छोड़कर बाजू के एक


1857 का स्वातंत्र्य समर - 296

रास्ते से हैवलाॅक की सेना रेसीडेंसी की ओर निकली है, यह ज्ञात होते ही विद्रोहियों की ओर से तोपों की जबरदस्त मार चालू हो गई। आलमबाग से शत्रु की इस मार को सहन करते अंगे्रज बड़ी दृढ़ता से बढ़ते हुए चारबाग के पुल तक आकर भिड़ गए। इस पुल को पार करते ही लखनऊ में प्रवेश होने से उस महŸवपूर्ण नाके पर दोनों पक्षों मंे घमासान होने


1441 of 2102

लखनऊ शहर की मध्य बस्ती के रास्ते छोड़कर बाजू के एक


1857 का स्वातंत्र्य समर - 296

रास्ते से हैवलाॅक की सेना रेसीडेंसी की ओर निकली है, यह ज्ञात होते ही विद्रोहियों की ओर से तोपों की जबरदस्त मार चालू हो गई। आलमबाग से शत्रु की इस मार को सहन करते अंगे्रज बड़ी दृढ़ता से बढ़ते हुए चारबाग के पुल तक आकर भिड़ गए। इस पुल को पार करते ही लखनऊ में प्रवेश होने से उस महŸवपूर्ण नाके पर दोनों पक्षों मंे घमासान होने


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