होकर गोली भरने लगा। वाह रे बहादुर! अंत में स्वतंत्रता समर में हैवलाॅक की गोली से वीरोचित मृत्यु मरा। पल-दो पल बाद ही अंगे्रजी सेना-सागर धड़धड़ाता उस पुल को ही कंपित कर गया। विद्रोही पीछे हटते और अंग्रेज आगे बढ़ते निकले। पुल हारा। लखनऊ का पहला रास्ता साफ हुआ। दूसरा हुआ, तीसरा हुआ, अंगे्रजी सेना चली आगे घुसते, दो-चार कदम चली कि फिर तलवार, बंदूकों-पर-बंदूकें छूटने लगीं। रक्त की तलैया भर जाती तो फिर वह जीवित
होकर गोली भरने लगा। वाह रे बहादुर! अंत में स्वतंत्रता समर में हैवलाॅक की गोली से वीरोचित मृत्यु मरा। पल-दो पल बाद ही अंगे्रजी सेना-सागर धड़धड़ाता उस पुल को ही कंपित कर गया। विद्रोही पीछे हटते और अंग्रेज आगे बढ़ते निकले। पुल हारा। लखनऊ का पहला रास्ता साफ हुआ। दूसरा हुआ, तीसरा हुआ, अंगे्रजी सेना चली आगे घुसते, दो-चार कदम चली कि फिर तलवार, बंदूकों-पर-बंदूकें छूटने लगीं। रक्त की तलैया भर जाती तो फिर वह जीवित