को भी विद्रोहियों ने घेर लिया। और इसीलिए हर कोई पूछने लगा-‘हैवलाॅक जो लाया वह सहायता थी या मुक्ति?
वास्तव में वह केवल सहायता थी। हैवलाॅक और आउट्रम इन दो विख्यात आंग्ल योद्धाओं ने अनेक लड़ाइयां लड़ लखनऊ के अंगे्रज लोगों को पांडे लोगों की पकड़ से छुड़ाने के लिए जो सेना लाई थी वह उन्हें मुक्त नहीं करा सकी, उलटे उस सेना के साथ सेनापति भी घेरे मंे अटककर रह गए। हैवलाॅक की अंगे्रजी सेना के रेसीडेंसी में घुसते ही पांडे की सेना लखनऊ छोड़कर चली जाएगी,
को भी विद्रोहियों ने घेर लिया। और इसीलिए हर कोई पूछने लगा-‘हैवलाॅक जो लाया वह सहायता थी या मुक्ति?
वास्तव में वह केवल सहायता थी। हैवलाॅक और आउट्रम इन दो विख्यात आंग्ल योद्धाओं ने अनेक लड़ाइयां लड़ लखनऊ के अंगे्रज लोगों को पांडे लोगों की पकड़ से छुड़ाने के लिए जो सेना लाई थी वह उन्हें मुक्त नहीं करा सकी, उलटे उस सेना के साथ सेनापति भी घेरे मंे अटककर रह गए। हैवलाॅक की अंगे्रजी सेना के रेसीडेंसी में घुसते ही पांडे की सेना लखनऊ छोड़कर चली जाएगी,