इतना रक्तपात, इतनी मारधाड़ कर लखनऊ की रेसीडेंसी में घुसते हुए उसे लगा कि आखिर मैंने विद्रोहियों के घेरे से आंग्ल सŸाा को मुक्त तो किया। परंतु अब उसका भ्रम टूट रहा है और गंगा किनारे जैसे उसने अपने आपसे पूछा था वैसे ही वह लखनऊ की रेसीडेंसी में जाने के बाद भी पूछ रहा है-‘मैं जो रेसीडेंसी में लाया-वह सहायता थी या मुक्ति?’
हैवलाॅक के आने रेजिडेंसी का घेरा समाप्त होने के स्थान पर रेसीडेंसी के साथ हैवलाॅक
इतना रक्तपात, इतनी मारधाड़ कर लखनऊ की रेसीडेंसी में घुसते हुए उसे लगा कि आखिर मैंने विद्रोहियों के घेरे से आंग्ल सŸाा को मुक्त तो किया। परंतु अब उसका भ्रम टूट रहा है और गंगा किनारे जैसे उसने अपने आपसे पूछा था वैसे ही वह लखनऊ की रेसीडेंसी में जाने के बाद भी पूछ रहा है-‘मैं जो रेसीडेंसी में लाया-वह सहायता थी या मुक्ति?’
हैवलाॅक के आने रेजिडेंसी का घेरा समाप्त होने के स्थान पर रेसीडेंसी के साथ हैवलाॅक