1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

ओर से यथासंभव उŸाम व्यवस्था में वह दो माह लगाकर अगली मुहिम की तैयारी में लगा ही था कि उसपर कोलिन को हैवलाॅक और आउट्रम के अपने ही जाल में बंद हो जाने का समाचार मिला। तब उस-‘पतितं पतितं पुरूत्पतितम्’, ऐसे लखनऊ शहर का झगड़ा मुझे ही निपटाना चाहिए, इस निश्चय से उसने 27 अक्टूबर को स्वयं कूच किया।

इसी समय कर्नल वाॅवेल और कैप्टन विलियम पील की अधीनता में नेवल ब्रिगेड नामक एक नौसेना तैयार कर उसने जलमार्ग से इलाहाबाद की ओर भेज दी थी। कलकŸाा से इलाहाबाद,


1461 of 2102

ओर से यथासंभव उŸाम व्यवस्था में वह दो माह लगाकर अगली मुहिम की तैयारी में लगा ही था कि उसपर कोलिन को हैवलाॅक और आउट्रम के अपने ही जाल में बंद हो जाने का समाचार मिला। तब उस-‘पतितं पतितं पुरूत्पतितम्’, ऐसे लखनऊ शहर का झगड़ा मुझे ही निपटाना चाहिए, इस निश्चय से उसने 27 अक्टूबर को स्वयं कूच किया।

इसी समय कर्नल वाॅवेल और कैप्टन विलियम पील की अधीनता में नेवल ब्रिगेड नामक एक नौसेना तैयार कर उसने जलमार्ग से इलाहाबाद की ओर भेज दी थी। कलकŸाा से इलाहाबाद,


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