ओर से यथासंभव उŸाम व्यवस्था में वह दो माह लगाकर अगली मुहिम की तैयारी में लगा ही था कि उसपर कोलिन को हैवलाॅक और आउट्रम के अपने ही जाल में बंद हो जाने का समाचार मिला। तब उस-‘पतितं पतितं पुरूत्पतितम्’, ऐसे लखनऊ शहर का झगड़ा मुझे ही निपटाना चाहिए, इस निश्चय से उसने 27 अक्टूबर को स्वयं कूच किया।
इसी समय कर्नल वाॅवेल और कैप्टन विलियम पील की अधीनता में नेवल ब्रिगेड नामक एक नौसेना तैयार कर उसने जलमार्ग से इलाहाबाद की ओर भेज दी थी। कलकŸाा से इलाहाबाद,
ओर से यथासंभव उŸाम व्यवस्था में वह दो माह लगाकर अगली मुहिम की तैयारी में लगा ही था कि उसपर कोलिन को हैवलाॅक और आउट्रम के अपने ही जाल में बंद हो जाने का समाचार मिला। तब उस-‘पतितं पतितं पुरूत्पतितम्’, ऐसे लखनऊ शहर का झगड़ा मुझे ही निपटाना चाहिए, इस निश्चय से उसने 27 अक्टूबर को स्वयं कूच किया।
इसी समय कर्नल वाॅवेल और कैप्टन विलियम पील की अधीनता में नेवल ब्रिगेड नामक एक नौसेना तैयार कर उसने जलमार्ग से इलाहाबाद की ओर भेज दी थी। कलकŸाा से इलाहाबाद,