अपने शताब्दियों के धार्मिक विरोध आंदोलन को प्रोत्साहित किया था। चरबीवाले कारतूसों के विवाद ने तो केवल चिंगारी दहकाई और उस चिंगारी ने सभी ज्वलनशील पदार्थोंं में आग भड़का दी। यदि इस चिंगारी से अग्नि प्रज्वलित न होती तो किसी अन्य माध्यम से भी यही कार्य संपन्न हो जाता। मेरठ के सिपाहियों ने क्षण भर में ही एक नेता पा लिया, उन्हें एक ध्वज भी मिल गया और उद्देश्य भी और यह विद्रोह एक क्रांतियुद्ध मंे परिणत हो
अपने शताब्दियों के धार्मिक विरोध आंदोलन को प्रोत्साहित किया था। चरबीवाले कारतूसों के विवाद ने तो केवल चिंगारी दहकाई और उस चिंगारी ने सभी ज्वलनशील पदार्थोंं में आग भड़का दी। यदि इस चिंगारी से अग्नि प्रज्वलित न होती तो किसी अन्य माध्यम से भी यही कार्य संपन्न हो जाता। मेरठ के सिपाहियों ने क्षण भर में ही एक नेता पा लिया, उन्हें एक ध्वज भी मिल गया और उद्देश्य भी और यह विद्रोह एक क्रांतियुद्ध मंे परिणत हो