गया। जब वे प्रातःकालीन सूर्य की रश्मियों से जगजगाती यमुना के तट पर पहुंचे तो उन्होंने अनजाने में ही इतिहास की एक निर्णायक घड़ी को प्राप्त कर लिया तथा सैनिक विद्रोह को एक राष्ट्रीय धर्मयुद्ध में परिणत कर दिया।’’
चाल्र्स बाल लिखते हैं-‘‘आगे चलकर धारा किनारों को तोड़कर बह निकली और उसने भारत की सैनिक वसुंधरा को आप्लावित कर दिया। उस समय तो यही आशा की जाती थी कि ये धाराएं संपूर्ण यूरोपीय तत्त्वों को विनष्ट
गया। जब वे प्रातःकालीन सूर्य की रश्मियों से जगजगाती यमुना के तट पर पहुंचे तो उन्होंने अनजाने में ही इतिहास की एक निर्णायक घड़ी को प्राप्त कर लिया तथा सैनिक विद्रोह को एक राष्ट्रीय धर्मयुद्ध में परिणत कर दिया।’’
चाल्र्स बाल लिखते हैं-‘‘आगे चलकर धारा किनारों को तोड़कर बह निकली और उसने भारत की सैनिक वसुंधरा को आप्लावित कर दिया। उस समय तो यही आशा की जाती थी कि ये धाराएं संपूर्ण यूरोपीय तत्त्वों को विनष्ट