सदुद्देश्य से प्रेरित निष्ठावान देशभक्तों के रूप में मान्यता दी जा सकती है, क्योंकि वे अपनी मातृभूमि और सम्राट् के लिए संग्राम कर रहे थे, स्वराज्य और स्वधर्म के लिए संघर्षरत हुए थे।’’
1857 का स्वातंत्र्य समर - 43
प्रकरण-2
कारण परंपरा
स्वधर्म एवं स्वराज्य-इन दो देवताओं का अधिष्ठान रखकर सन् 1857 में प्रारंभ हुए इस रण-यज्ञ का संकल्प कब लिया गया? अंगे्रज इतिहासकारों के अनुसार, इस रण-यज्ञ का संकल्प
सदुद्देश्य से प्रेरित निष्ठावान देशभक्तों के रूप में मान्यता दी जा सकती है, क्योंकि वे अपनी मातृभूमि और सम्राट् के लिए संग्राम कर रहे थे, स्वराज्य और स्वधर्म के लिए संघर्षरत हुए थे।’’
1857 का स्वातंत्र्य समर - 43
प्रकरण-2
कारण परंपरा
स्वधर्म एवं स्वराज्य-इन दो देवताओं का अधिष्ठान रखकर सन् 1857 में प्रारंभ हुए इस रण-यज्ञ का संकल्प कब लिया गया? अंगे्रज इतिहासकारों के अनुसार, इस रण-यज्ञ का संकल्प