क्षुब्ध होकर भड़क उठी थी और घृणा व कट्टरता के भ्रम में आबद्ध हो चुकी थी।’’
‘कंप्लीट हिस्ट्री आॅफ द गे्रट सेपाॅय वार’ शीर्षक अपनी पुस्तक में ह्यइट लिखते हैं-‘‘यदि मैं अवधवासियों के द्वारा प्रदर्षित साहस की प्रशंसा नहीं करूंगा तो एक इतिहासकार का पावन दायित्व न निभा पाऊंगा । नैतिक दृष्टि से अवध के तालूकेदारों की एक महान् भूल यह थी कि उन्हांेने हत्यारे विद्रोहियों से हाथ मिलाया। किंतु इसके लिए भी उन्हें
क्षुब्ध होकर भड़क उठी थी और घृणा व कट्टरता के भ्रम में आबद्ध हो चुकी थी।’’
‘कंप्लीट हिस्ट्री आॅफ द गे्रट सेपाॅय वार’ शीर्षक अपनी पुस्तक में ह्यइट लिखते हैं-‘‘यदि मैं अवधवासियों के द्वारा प्रदर्षित साहस की प्रशंसा नहीं करूंगा तो एक इतिहासकार का पावन दायित्व न निभा पाऊंगा । नैतिक दृष्टि से अवध के तालूकेदारों की एक महान् भूल यह थी कि उन्हांेने हत्यारे विद्रोहियों से हाथ मिलाया। किंतु इसके लिए भी उन्हें