सरकार ने एकदम स्पष्ट शब्दों में लगभग पंद्रह राज्यों की गद्दियों पर दत्तक राजाओं की योजना एवं अधिकार मान्य किए हैं-इतना कहना पर्याप्त है। क्योंकि इन रियासतों को अधिग्रहण दिशा की खोज में उत्तर दिशा को जाना है। ‘हिंदुस्थान की भूमि सपाट’ करने के लिए डलहौजी आया था और सतारा के हिंदू पदपादशाही की कब्र अपना सिर ऊंचा करना चाहती थी। अर्थात् प्रताप सिंह एवं अप्पा साहब इन दोनों ही भाइयों ने शास्त्रोक्त पद्धति से दत्तक लिये थे,
सरकार ने एकदम स्पष्ट शब्दों में लगभग पंद्रह राज्यों की गद्दियों पर दत्तक राजाओं की योजना एवं अधिकार मान्य किए हैं-इतना कहना पर्याप्त है। क्योंकि इन रियासतों को अधिग्रहण दिशा की खोज में उत्तर दिशा को जाना है। ‘हिंदुस्थान की भूमि सपाट’ करने के लिए डलहौजी आया था और सतारा के हिंदू पदपादशाही की कब्र अपना सिर ऊंचा करना चाहती थी। अर्थात् प्रताप सिंह एवं अप्पा साहब इन दोनों ही भाइयों ने शास्त्रोक्त पद्धति से दत्तक लिये थे,