1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

षड्यंत्र रचने में लगा था। मराठा सत्ता का एक पौधा, नागपुर की गद्दी के स्वामी राघोजी भोंसले अपनी आयु के सैंतालासवें वर्ष में ही अचानक स्वर्ग नाश का कारण बना। जिन्हें यह ज्ञात रहा कि अंगे्रज हमसे द्वेष करते हैं वे बच गए। परंतु जिन्होंने भी यह माना कि अंगे्रजों से हमारा स्नेह है, उनकी गरदन मीठी छुरी से कटी। विदर्भ का राज्य अंगे्रजों की जागीर नहीं थी या वह उनकी मातहत रियासत भी नहीं थी; वह एक स्वतंत्र और


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षड्यंत्र रचने में लगा था। मराठा सत्ता का एक पौधा, नागपुर की गद्दी के स्वामी राघोजी भोंसले अपनी आयु के सैंतालासवें वर्ष में ही अचानक स्वर्ग नाश का कारण बना। जिन्हें यह ज्ञात रहा कि अंगे्रज हमसे द्वेष करते हैं वे बच गए। परंतु जिन्होंने भी यह माना कि अंगे्रजों से हमारा स्नेह है, उनकी गरदन मीठी छुरी से कटी। विदर्भ का राज्य अंगे्रजों की जागीर नहीं थी या वह उनकी मातहत रियासत भी नहीं थी; वह एक स्वतंत्र और


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