दिखाया-राजा ने दत्तक लिया ही नहीं था। राजे राघोजी संतान-प्राप्ति की संभावना की आयु में एकाएक दिवंगत हो गए। उसमें यदि वे दत्तक न लेते हुए दिवंगत हुए थे तो भी वह अधिकार उनकी पत्नी को प्राप्त था। राजा की मृत्यु के बाद राजपत्नी द्वारा लिये एग दत्तक, 1834 में धार की राजपत्नी द्वारा लिया दत्तकए 1841 में किशनगढ़ की रानी का लिया हुआ दत्तक-एक-दो नहीं अनेक दत्तक अग्रेंजों ने स्वीकार किए थे। परंतु उस समय उन्हें
दिखाया-राजा ने दत्तक लिया ही नहीं था। राजे राघोजी संतान-प्राप्ति की संभावना की आयु में एकाएक दिवंगत हो गए। उसमें यदि वे दत्तक न लेते हुए दिवंगत हुए थे तो भी वह अधिकार उनकी पत्नी को प्राप्त था। राजा की मृत्यु के बाद राजपत्नी द्वारा लिये एग दत्तक, 1834 में धार की राजपत्नी द्वारा लिया दत्तकए 1841 में किशनगढ़ की रानी का लिया हुआ दत्तक-एक-दो नहीं अनेक दत्तक अग्रेंजों ने स्वीकार किए थे। परंतु उस समय उन्हें