राज लेंगे और सिख मराठों का राज्य लेंगे। किस कारण से? इसलिए कि दोनों की छाती पर अंगे्रज नाच सकें। ऐसा बाजीराव मरा, इसके लिए मृत्यु का आभार ही माना जाए। बाजीराव ने मृत्यु-पूर्व ही मृत्युपत्र लिखकर श्रीमंत नाना साहब को पेषवाई के सारे अधिकार और अपने वारिसदारी के सारे हक सौंप दिए थे। परंतु बाजीराव के मरने का समाचार मिलते ही अंगे्रज सरकार ने घोशित किया कि नाना साहब को 5 लाख रूपयों की पंेषन पर किसी भी तरह
राज लेंगे और सिख मराठों का राज्य लेंगे। किस कारण से? इसलिए कि दोनों की छाती पर अंगे्रज नाच सकें। ऐसा बाजीराव मरा, इसके लिए मृत्यु का आभार ही माना जाए। बाजीराव ने मृत्यु-पूर्व ही मृत्युपत्र लिखकर श्रीमंत नाना साहब को पेषवाई के सारे अधिकार और अपने वारिसदारी के सारे हक सौंप दिए थे। परंतु बाजीराव के मरने का समाचार मिलते ही अंगे्रज सरकार ने घोशित किया कि नाना साहब को 5 लाख रूपयों की पंेषन पर किसी भी तरह