एक विख्यात राजवंष के अधिपति से पूछा जा रहा है।’’ यह आवदेन लेकर नाना के विष्वासपात्र वकील अजीमुल्ला खान विलायत गए।
इस सन् 1857 के क्रांतियुद्ध में जो महत्त्व के पात्र हैं उनमें अजीमुल्ला खान का नाम स्मरणीय है। अजीमुल्ला खान पहले बहुत निर्धन होते हुए भी अपने बुद्धिबल से अपनी उन्नति कर नाना के एकनिश्ठ वकील हो गए थे। वे पहले एक अंगे्रज के यहां घरेलु नौकर थे। उस अति सामान्य नौकरी में भी अपनी महत्त्वकांक्षा
एक विख्यात राजवंष के अधिपति से पूछा जा रहा है।’’ यह आवदेन लेकर नाना के विष्वासपात्र वकील अजीमुल्ला खान विलायत गए।
इस सन् 1857 के क्रांतियुद्ध में जो महत्त्व के पात्र हैं उनमें अजीमुल्ला खान का नाम स्मरणीय है। अजीमुल्ला खान पहले बहुत निर्धन होते हुए भी अपने बुद्धिबल से अपनी उन्नति कर नाना के एकनिश्ठ वकील हो गए थे। वे पहले एक अंगे्रज के यहां घरेलु नौकर थे। उस अति सामान्य नौकरी में भी अपनी महत्त्वकांक्षा