1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

कि ‘गर्वनर जनरल द्वारा किया गया फैसला हमको पूरी तरह मान्य है और इसलिए बाजीराव के दत्तक का उनकी पेंशन पर किसी तरह का अधिकार शेष नहीं रहता।’ इस तरह मुख्य कार्य के संबंध में निराश हो जाने पर अजीमुल्ला खान इंग्लैंड छोड़कर हिंदुस्थान की ओर आने के लिए फ्रांस के रास्ते निकले। हम उन्हें यात्रा में ही छोड़कर यह देखें कि नाना साहब उस समय क्या कर रहे थे?

श्रीमंत नाना साहब पेशवा के जीवन की विस्तृत जानकारी प्रकाशित


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कि ‘गर्वनर जनरल द्वारा किया गया फैसला हमको पूरी तरह मान्य है और इसलिए बाजीराव के दत्तक का उनकी पेंशन पर किसी तरह का अधिकार शेष नहीं रहता।’ इस तरह मुख्य कार्य के संबंध में निराश हो जाने पर अजीमुल्ला खान इंग्लैंड छोड़कर हिंदुस्थान की ओर आने के लिए फ्रांस के रास्ते निकले। हम उन्हें यात्रा में ही छोड़कर यह देखें कि नाना साहब उस समय क्या कर रहे थे?

श्रीमंत नाना साहब पेशवा के जीवन की विस्तृत जानकारी प्रकाशित


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