उस समय उनकी आयु लगभग अट्ठाईस वर्ष होगी; पर वे चालीस के आसपास के दिखते थे। शरीर उनका स्थूल था, चेहरा गोल, आंखें उग्र, पानीदार और चंचल, कद-काठी सामान्य, स्पेनीश लोगों जैसा गोरा रंग और बातचीत कुल मिलाकर आनंदी और कुछ विनोदी थी। दरबार में वे किनखाबी पोशाक पहनकर बैठते थे।’’ उनके शरीर पर पहने अलंकार और उनके सिर के अत्यंत मूल्यवान मुकुट को देख यूरोपियन महिलाएं ललचा जाती थीं-ऐसा ट्रेवेलियन लिखता है। नाना का
उस समय उनकी आयु लगभग अट्ठाईस वर्ष होगी; पर वे चालीस के आसपास के दिखते थे। शरीर उनका स्थूल था, चेहरा गोल, आंखें उग्र, पानीदार और चंचल, कद-काठी सामान्य, स्पेनीश लोगों जैसा गोरा रंग और बातचीत कुल मिलाकर आनंदी और कुछ विनोदी थी। दरबार में वे किनखाबी पोशाक पहनकर बैठते थे।’’ उनके शरीर पर पहने अलंकार और उनके सिर के अत्यंत मूल्यवान मुकुट को देख यूरोपियन महिलाएं ललचा जाती थीं-ऐसा ट्रेवेलियन लिखता है। नाना का