ही एक घंटे पहले तक मान्य किया हुआ और चालू समझौतों की सूची में लिखकर भेजा हुआ समझौता हिंदुस्थान सरकार साफ अस्वीकार करने लगी। ऐसा कोई समझौता हुआ ही नहीं था, ऐसा धड़ल्ले से कहते समय अंगे्रज सरकार लज्जित कैसे नहीं हुई-हिंदुस्थान का अंगे्रजी इतिहास जिसने थोड़ा-बहुत भी पढ़ा है, उसे इस पर बहुत आश्चर्य नहीं होगा। चूंकि अंगे्रज सरकार को अवध का राज्य चाहिए था, अतः वह राज्य हड़पने के लिए सन् 1837 के समझौते की अपेक्षा 1801 का समझौता उसके लिए अधिक लाभदायक था।
ही एक घंटे पहले तक मान्य किया हुआ और चालू समझौतों की सूची में लिखकर भेजा हुआ समझौता हिंदुस्थान सरकार साफ अस्वीकार करने लगी। ऐसा कोई समझौता हुआ ही नहीं था, ऐसा धड़ल्ले से कहते समय अंगे्रज सरकार लज्जित कैसे नहीं हुई-हिंदुस्थान का अंगे्रजी इतिहास जिसने थोड़ा-बहुत भी पढ़ा है, उसे इस पर बहुत आश्चर्य नहीं होगा। चूंकि अंगे्रज सरकार को अवध का राज्य चाहिए था, अतः वह राज्य हड़पने के लिए सन् 1837 के समझौते की अपेक्षा 1801 का समझौता उसके लिए अधिक लाभदायक था।