1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar



ये सारी तिकड़में डलहौजी के पहले ही हो चुकी थी, इतना अवष्य ध्यान में रखना चाहिए, जिससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि डलहौजी ने अवध के अधिग्रहण करने में कुछ अपूर्व पातक नहीं किया। अवध का प्रदेश सबको चाहिए था, पर उसको कैसे हथियाया जाए, इसका निर्णय डलहौजी के हाथ में हुआ। पंजाब की तरह या ब्रह्यदेश की तरह उसपर चढ़ाई कर उसे जीता नहीं जा सकता था; क्योंकि वहां के लोेगों ने कभी ब्रिटिशों से झगड़ा नहीं किया था। नवाब ने उनसे कभी पे्रम से व्यवहार नहीं किया,


262 of 2102



ये सारी तिकड़में डलहौजी के पहले ही हो चुकी थी, इतना अवष्य ध्यान में रखना चाहिए, जिससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि डलहौजी ने अवध के अधिग्रहण करने में कुछ अपूर्व पातक नहीं किया। अवध का प्रदेश सबको चाहिए था, पर उसको कैसे हथियाया जाए, इसका निर्णय डलहौजी के हाथ में हुआ। पंजाब की तरह या ब्रह्यदेश की तरह उसपर चढ़ाई कर उसे जीता नहीं जा सकता था; क्योंकि वहां के लोेगों ने कभी ब्रिटिशों से झगड़ा नहीं किया था। नवाब ने उनसे कभी पे्रम से व्यवहार नहीं किया,


262 of 2102