रीति से प्रादुर्भूत हो गया। पर वह क्या-क्या करने से शांत होकर संपूर्ण रूप से अंतर्धान होगा, क्या यह भी तुझे ज्ञात है?
1857 का स्वातंत्र्य समर - 71
प्रकरण-6
अग्नि में घी
विश्व में ऐसा कौन सा सद्धर्म है कि जिसमें परतंत्रता और दासता को धिक्कारा नहीं गया हो। इसी कारण जहां परमेश्वर होगा वहां परतंत्रता कभी नहीं रह सकती और जहां परतंत्रता है वहां परमेश्वर का अधिष्ठान नहीं, वहां धर्म नहीं। एतदर्थ किसी
रीति से प्रादुर्भूत हो गया। पर वह क्या-क्या करने से शांत होकर संपूर्ण रूप से अंतर्धान होगा, क्या यह भी तुझे ज्ञात है?
1857 का स्वातंत्र्य समर - 71
प्रकरण-6
अग्नि में घी
विश्व में ऐसा कौन सा सद्धर्म है कि जिसमें परतंत्रता और दासता को धिक्कारा नहीं गया हो। इसी कारण जहां परमेश्वर होगा वहां परतंत्रता कभी नहीं रह सकती और जहां परतंत्रता है वहां परमेश्वर का अधिष्ठान नहीं, वहां धर्म नहीं। एतदर्थ किसी