हिंदुस्थान की पुण्यभूमि की स्वतंत्रता का हरण कर अंगे्रजों ने सभी धर्मों को तो अपने पैरों तले कुचला ही था, परंतु धर्म का सैद्धांन्तिक अपमान पूरा नहीं है, ऐसा लगने पर ही शायद, इस हिंदुस्थान के पवित्र धर्म का स व्यावहारिक अपमान करने के लिए वे बहुत आतुर थे। अफ्रीका और अमेरिका में वहां के निवासियों को ईसाई धर्म की दीक्षा देने के काम में मिली सफलता से बहके हुए पश्चिमवासियों को अफ्रीका की भांति ही हिंदुस्थान
हिंदुस्थान की पुण्यभूमि की स्वतंत्रता का हरण कर अंगे्रजों ने सभी धर्मों को तो अपने पैरों तले कुचला ही था, परंतु धर्म का सैद्धांन्तिक अपमान पूरा नहीं है, ऐसा लगने पर ही शायद, इस हिंदुस्थान के पवित्र धर्म का स व्यावहारिक अपमान करने के लिए वे बहुत आतुर थे। अफ्रीका और अमेरिका में वहां के निवासियों को ईसाई धर्म की दीक्षा देने के काम में मिली सफलता से बहके हुए पश्चिमवासियों को अफ्रीका की भांति ही हिंदुस्थान