इसके लिए धर्मांतरण करनेवाले सिपाही को पदोन्नति का खुला वचन देते थे। सिपाही अपना धर्म छोडे़ तो हवलदार हो जाता था और हवलदार-सूबेदार, मेजर। इस प्रकार सेना विभाग एक तरह से बलात् ईसाई बनाने का मिशन हो जाता था। हिंदुस्थान के धन से मुटाए हाथ और हिंदुस्थानी पैसे से खरीदी गई तलवार से हिंदुस्तानी धर्म को ही चोट पहुंचाने के अंगे्रजों के इस हेतु के विरूद्ध संशय उत्पन्न हुआ और उसमें हर रोज जुड़ती
1857 का स्वातंत्र्य समर - 74
इसके लिए धर्मांतरण करनेवाले सिपाही को पदोन्नति का खुला वचन देते थे। सिपाही अपना धर्म छोडे़ तो हवलदार हो जाता था और हवलदार-सूबेदार, मेजर। इस प्रकार सेना विभाग एक तरह से बलात् ईसाई बनाने का मिशन हो जाता था। हिंदुस्थान के धन से मुटाए हाथ और हिंदुस्थानी पैसे से खरीदी गई तलवार से हिंदुस्तानी धर्म को ही चोट पहुंचाने के अंगे्रजों के इस हेतु के विरूद्ध संशय उत्पन्न हुआ और उसमें हर रोज जुड़ती
1857 का स्वातंत्र्य समर - 74