ऐसा अब सिद्व हो गया है। अंगे्रजों ने यह बात गुप्त रखकर कि उन कारतूसों में किसकी चरबी लगी है-कानपुर, रंगून एवं फोर्ट विलियम की हिंदुस्थानी फौज के हिंदू-मुसलमानों को सन् 1853 में ही धर्मच्युत कर दिया थां यह विश्वासघात सन् 1857 में खुलने तक कारतूसों को चाहे जो भी चरबी लगाने की अंगे्रजों ने जान-बुझकर व्यवस्था की थी। यह बात अनुमान से नहीं कही गई है, क्योंकि सन् 1857 के दिसंबर में कर्नल टक्कर द्वारा भेजी
ऐसा अब सिद्व हो गया है। अंगे्रजों ने यह बात गुप्त रखकर कि उन कारतूसों में किसकी चरबी लगी है-कानपुर, रंगून एवं फोर्ट विलियम की हिंदुस्थानी फौज के हिंदू-मुसलमानों को सन् 1853 में ही धर्मच्युत कर दिया थां यह विश्वासघात सन् 1857 में खुलने तक कारतूसों को चाहे जो भी चरबी लगाने की अंगे्रजों ने जान-बुझकर व्यवस्था की थी। यह बात अनुमान से नहीं कही गई है, क्योंकि सन् 1857 के दिसंबर में कर्नल टक्कर द्वारा भेजी