1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

जिन कारतूसों को तुम दांत से तोड़ोगे उन कारतूसों पर गाय और सूअर की चरबी मढ़ी जा रही है।’’ यह सुनते ही वह ब्राह्यण दूसरे सिपाहियों को वह बात कहने लगा। दमदम में जल्दी ही सारे सिपाही संशयग्रस्त हो गए और उन्होंने पड़ताल की तो यह सत्य स्पष्ट हो गया कि कारतूसों को गाय और सूअर की चबी लगाई जाती है। दमदम का यह समाचार आग की तरह सब और फैल गया। हर सिपाही को अपने हाथों में गाय और सूअर की चरबी लगी दिखने लगी। और हर लश्करी


309 of 2102

जिन कारतूसों को तुम दांत से तोड़ोगे उन कारतूसों पर गाय और सूअर की चरबी मढ़ी जा रही है।’’ यह सुनते ही वह ब्राह्यण दूसरे सिपाहियों को वह बात कहने लगा। दमदम में जल्दी ही सारे सिपाही संशयग्रस्त हो गए और उन्होंने पड़ताल की तो यह सत्य स्पष्ट हो गया कि कारतूसों को गाय और सूअर की चबी लगाई जाती है। दमदम का यह समाचार आग की तरह सब और फैल गया। हर सिपाही को अपने हाथों में गाय और सूअर की चरबी लगी दिखने लगी। और हर लश्करी


309 of 2102