पर चाहे कोई भी चिपचिपापन लाने के लिए ऐसा ही कोई धर्मबाह्य पदार्थ लगाने का प्रयास नहीं करेगी, इसको कैसे माना जाए? अतः ये कारतूस किसी भी मूल्य पर नहीं लेना है, यह दृढ़ निश्चय सब लोगों को करना चाहिए।
पर यह निश्चय हो गया तो भी इतने से मुख्य आपदा तो टालनेवाली नहीं है। बहुत हुआ तो ये कारतूस नहीं दिए जाएंगे। परंतु इनके स्थान पर कल कोई देसरी आपदा आएगी। अर्थात् इन कारतूसों को न लेने से भी धर्म पर आई वास्तविक
पर चाहे कोई भी चिपचिपापन लाने के लिए ऐसा ही कोई धर्मबाह्य पदार्थ लगाने का प्रयास नहीं करेगी, इसको कैसे माना जाए? अतः ये कारतूस किसी भी मूल्य पर नहीं लेना है, यह दृढ़ निश्चय सब लोगों को करना चाहिए।
पर यह निश्चय हो गया तो भी इतने से मुख्य आपदा तो टालनेवाली नहीं है। बहुत हुआ तो ये कारतूस नहीं दिए जाएंगे। परंतु इनके स्थान पर कल कोई देसरी आपदा आएगी। अर्थात् इन कारतूसों को न लेने से भी धर्म पर आई वास्तविक