1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

आपदा टलनेवाली नहीं है। गुलामी के नरक में गिरे लोगों का धर्म पवित्र कैसे रह सकता है! गाय की चरबी तो क्या, देशमाता की चरबी काटकर निकाली जा रही है-इस बात को भुला देनेवालों का धर्म जीवित कैसे रह सकता है? सद्धर्म स्वर्ग में रहता है और गुलामी में पड़े लोग नरक में रहते हैं। अतः यदि उन्हें धर्म चाहिए तो उन्हंे गुलामी की गंदगी अपने और अपने शत्रुओं के रक्त से धोकर साफ करनी चाहिए।

इसलिए अब कारतूस लें या न लें,


315 of 2102

आपदा टलनेवाली नहीं है। गुलामी के नरक में गिरे लोगों का धर्म पवित्र कैसे रह सकता है! गाय की चरबी तो क्या, देशमाता की चरबी काटकर निकाली जा रही है-इस बात को भुला देनेवालों का धर्म जीवित कैसे रह सकता है? सद्धर्म स्वर्ग में रहता है और गुलामी में पड़े लोग नरक में रहते हैं। अतः यदि उन्हें धर्म चाहिए तो उन्हंे गुलामी की गंदगी अपने और अपने शत्रुओं के रक्त से धोकर साफ करनी चाहिए।

इसलिए अब कारतूस लें या न लें,


315 of 2102