राष्ट्रकार्य के लिए केवल उस राष्ट्र के पुरूषों की अनुमति होने से ही बात पूरी नहीं होती। इसके लिए तो पुरूषों को जन्म देनेवाली कोख में भी राष्ट्र-क्षोभ के बीज अंकुरित होना आवश्यक है। भारतीय महिलाओं की शूरता कितनी सहायक होती है-यह सिखों का और राजपूतों का इतिहास अभिमानपूर्वक कहता है। भारतीय स्त्रियों की मन-सामथ्र्य संपादन हेतु इस गुप्त संगठन के कार्यक्रम में वैदू लोगों की महिलाओं को लगाया गया था। इन
राष्ट्रकार्य के लिए केवल उस राष्ट्र के पुरूषों की अनुमति होने से ही बात पूरी नहीं होती। इसके लिए तो पुरूषों को जन्म देनेवाली कोख में भी राष्ट्र-क्षोभ के बीज अंकुरित होना आवश्यक है। भारतीय महिलाओं की शूरता कितनी सहायक होती है-यह सिखों का और राजपूतों का इतिहास अभिमानपूर्वक कहता है। भारतीय स्त्रियों की मन-सामथ्र्य संपादन हेतु इस गुप्त संगठन के कार्यक्रम में वैदू लोगों की महिलाओं को लगाया गया था। इन