1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

थीं उतना कोई धन्वंतरि भी नहीं कर सकता था। इन वैदू महिलाओं ने महिलाओं में और मौलवी तथा पंडितों ने पुरूष समाज


1857 का स्वातंत्र्य समर - 85

में जिस तरह प्रचंड जागृति उत्पन्न कर दी, उसी तरह गांव-गांव घूमनेवाले तमाशेवालों ने भी इस राष्ट्रक्षोभ को बहुत बढ़ाया। ये तमाशगीर अपने खेलों में गुलामी से घृणा उत्पन्न करने का प्रयास करते थे। इस प्रकार हर तरह के और हर स्तर के लोगों में अंगे्रजी शासन पलट देने के


358 of 2102

थीं उतना कोई धन्वंतरि भी नहीं कर सकता था। इन वैदू महिलाओं ने महिलाओं में और मौलवी तथा पंडितों ने पुरूष समाज


1857 का स्वातंत्र्य समर - 85

में जिस तरह प्रचंड जागृति उत्पन्न कर दी, उसी तरह गांव-गांव घूमनेवाले तमाशेवालों ने भी इस राष्ट्रक्षोभ को बहुत बढ़ाया। ये तमाशगीर अपने खेलों में गुलामी से घृणा उत्पन्न करने का प्रयास करते थे। इस प्रकार हर तरह के और हर स्तर के लोगों में अंगे्रजी शासन पलट देने के


358 of 2102