1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

प्रतिबंध लगाने की ब्रिटिश सरकार की इस हताश कार्यवाही ने उसे बहुत हास्यास्पद स्थिति में ला दिया। अभिव्यक्ति-स्वातंत्र्य की अलमबरदार होने का ढिंढोरा विश्व भर में पीटनेवाली अपनी सरकार की वकालत करने में ब्रिटिश समाचार-पत्र एवं बु˜िजीवी स्वयं को असमर्थ पाने लगे। इस पर सावरकर ने सर्वाधिक प्रतिष्ठित दैनिक ‘द लंदन टाइम्स’ में संपादक के नाम पत्र लिखकर ब्रिटिश सरकार पर तीखा व्यंग्य तीर चला दिया। सावरकर ने लिखा-‘‘ब्रिटिश


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प्रतिबंध लगाने की ब्रिटिश सरकार की इस हताश कार्यवाही ने उसे बहुत हास्यास्पद स्थिति में ला दिया। अभिव्यक्ति-स्वातंत्र्य की अलमबरदार होने का ढिंढोरा विश्व भर में पीटनेवाली अपनी सरकार की वकालत करने में ब्रिटिश समाचार-पत्र एवं बु˜िजीवी स्वयं को असमर्थ पाने लगे। इस पर सावरकर ने सर्वाधिक प्रतिष्ठित दैनिक ‘द लंदन टाइम्स’ में संपादक के नाम पत्र लिखकर ब्रिटिश सरकार पर तीखा व्यंग्य तीर चला दिया। सावरकर ने लिखा-‘‘ब्रिटिश


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