सन् 1857 में हिंदुस्थान के भविष्य कथन में अति महत्त्वपूर्ण और 1857 के इतिहास पर उसके कितने ही पृष्ठों पर मुद्रांकित हुआ वह भविष्य यह था कि कंपनी का राज ठीक सौ साल में समाप्त हो जाएगा। प्लासी की लड़ाई को सन् 1857 में सौ वर्ष पूरे हो रहे थे। अतः इस वर्ष की जनवरी से एक विलक्षण आशा और एक विलक्षण चेतना पूरे दे के कण-कण में संचार कर रही थी। इस एक भविष्य कथन ने देखते-ही-देखते राष्ट्र में ऐसी आशा उछाल दी कि
सन् 1857 में हिंदुस्थान के भविष्य कथन में अति महत्त्वपूर्ण और 1857 के इतिहास पर उसके कितने ही पृष्ठों पर मुद्रांकित हुआ वह भविष्य यह था कि कंपनी का राज ठीक सौ साल में समाप्त हो जाएगा। प्लासी की लड़ाई को सन् 1857 में सौ वर्ष पूरे हो रहे थे। अतः इस वर्ष की जनवरी से एक विलक्षण आशा और एक विलक्षण चेतना पूरे दे के कण-कण में संचार कर रही थी। इस एक भविष्य कथन ने देखते-ही-देखते राष्ट्र में ऐसी आशा उछाल दी कि