1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

स्वतंत्र राज्य की सेवा किसी तरह की गड़बड़ी न करते हुए करें, ऐसी योजना बनी थी। गुप्त संगठन के नेताओं ने कितनी कुशलता से सारे राष्ट्र को सूचिबद्ध कर दिया था, इसे ध्यान से देखने पर मन धन्य हो जाता है।

जन-क्षोभ को उत्तेजित करने रोज लखनऊ में उत्तेजक और क्रांतिकारी घोषणापत्र लगाए जाते। इन घोषणापत्रों में-सारे भाई एक साथ उठें और हिंदुस्थान का राज्य वापस लें, ऐसा उपदेश अति उत्तेजक भाषा में दिया जाता। सुबह


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स्वतंत्र राज्य की सेवा किसी तरह की गड़बड़ी न करते हुए करें, ऐसी योजना बनी थी। गुप्त संगठन के नेताओं ने कितनी कुशलता से सारे राष्ट्र को सूचिबद्ध कर दिया था, इसे ध्यान से देखने पर मन धन्य हो जाता है।

जन-क्षोभ को उत्तेजित करने रोज लखनऊ में उत्तेजक और क्रांतिकारी घोषणापत्र लगाए जाते। इन घोषणापत्रों में-सारे भाई एक साथ उठें और हिंदुस्थान का राज्य वापस लें, ऐसा उपदेश अति उत्तेजक भाषा में दिया जाता। सुबह


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