1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

होते ही शहर के हर चैराहे पर इस अर्थ के नए घोषणापत्र और पर्चे लगे मिलते। ये बातें अंग्रेज अधिकारियों के कानों में पहले ही पड़ी होने पर भी उन्हें ये पत्र और उनके लेखकों को गाली देते हुए कुढ़ते रहने के सिवाय कुुछ करते बनता नहीं था। क्योंकि पुलिसवाले कहते कि ये पत्र-परचे लिखता कौन है? इसे खोज पाना कठिन है। कुछ ही दिनों में अंगे्रजों को ज्ञात हो गया कि ये पुलिसवाले ही क्रांतिपक्ष के नेता थे। गुलामी की सुरक्षा


378 of 2102

होते ही शहर के हर चैराहे पर इस अर्थ के नए घोषणापत्र और पर्चे लगे मिलते। ये बातें अंग्रेज अधिकारियों के कानों में पहले ही पड़ी होने पर भी उन्हें ये पत्र और उनके लेखकों को गाली देते हुए कुढ़ते रहने के सिवाय कुुछ करते बनता नहीं था। क्योंकि पुलिसवाले कहते कि ये पत्र-परचे लिखता कौन है? इसे खोज पाना कठिन है। कुछ ही दिनों में अंगे्रजों को ज्ञात हो गया कि ये पुलिसवाले ही क्रांतिपक्ष के नेता थे। गुलामी की सुरक्षा


378 of 2102