पक्की करने नाना साहब जब इधर प्रवास कर रहे थे तब उधर सारे देश में भावी मंगल कार्य की सुपारी देने के लिए राज्य क्रांति के संदेश वाहक अपने कार्य मंे संलग्न थे। वे आज ही अवतरित हुए हैं, ऐसा बिल्कुल नहीं हैं; क्योंकि वेल्लोर के विद्रोह के पहले भी उधर ऐसी ही रोटियां भेजी गई थी। सन् 1857 के आंरभ में गुप्त पंखों के ये देवदूत सारे हिंदुस्थान में भावी मंगल कार्य का समाचार देते हुए भ्रमण करने लग गए थे। वे कहां से आए और किधर जाएंगे, यह कोई
पक्की करने नाना साहब जब इधर प्रवास कर रहे थे तब उधर सारे देश में भावी मंगल कार्य की सुपारी देने के लिए राज्य क्रांति के संदेश वाहक अपने कार्य मंे संलग्न थे। वे आज ही अवतरित हुए हैं, ऐसा बिल्कुल नहीं हैं; क्योंकि वेल्लोर के विद्रोह के पहले भी उधर ऐसी ही रोटियां भेजी गई थी। सन् 1857 के आंरभ में गुप्त पंखों के ये देवदूत सारे हिंदुस्थान में भावी मंगल कार्य का समाचार देते हुए भ्रमण करने लग गए थे। वे कहां से आए और किधर जाएंगे, यह कोई