के लिए अति उत्सुक हो गई थी। इस 34वीं पलटन का मुख्यालय बैरकपुर में होने से और वजीर अली नक्की खान उसके पास कलकत्ता में होने से उन्होंने सारी पलटन को शपथपूर्वक राज्य क्रांति-कार्य से जोड़ लिया था। इस पलटन की कुछ टुकड़ियां 19 वीं पलटन में भेजी गई थी। इस कारण उन टुकड़ियों ने 19 वीं पलटन को भी राष्ट्रकार्य में खींच लिया। परंतु परिस्थिति यह हो गई कि राज्य क्रांति की प्रचंड घटना की बिल्कुल भनक न लगने, अंगे्रज
के लिए अति उत्सुक हो गई थी। इस 34वीं पलटन का मुख्यालय बैरकपुर में होने से और वजीर अली नक्की खान उसके पास कलकत्ता में होने से उन्होंने सारी पलटन को शपथपूर्वक राज्य क्रांति-कार्य से जोड़ लिया था। इस पलटन की कुछ टुकड़ियां 19 वीं पलटन में भेजी गई थी। इस कारण उन टुकड़ियों ने 19 वीं पलटन को भी राष्ट्रकार्य में खींच लिया। परंतु परिस्थिति यह हो गई कि राज्य क्रांति की प्रचंड घटना की बिल्कुल भनक न लगने, अंगे्रज