अधिकारियों को उसकी कोई जानकारी न होने से उन्होंने उस 19 वीं पलटन में भेजी गई थी। इस कारण उन टुकड़ियों ने 19वीं पलटन पर ही कारतूसों का पहला प्रयोग किया। परंतु वे कारतूस लेने से वह पलटन खुले रूप से मुकर गई और समय आया तो शस्त्र उठाने तक का अपना निश्चय है, यह प्रकट किया। वह कृत्य देखते ही हमेशा की तरह अंगे्रजों ने ‘नेटिवों’ को धौंस-पट्टी दिखाना चालू किया। परंतु अब वहां पहले के ‘नेटिव’ नहीं थे, यह बात उस
अधिकारियों को उसकी कोई जानकारी न होने से उन्होंने उस 19 वीं पलटन में भेजी गई थी। इस कारण उन टुकड़ियों ने 19वीं पलटन पर ही कारतूसों का पहला प्रयोग किया। परंतु वे कारतूस लेने से वह पलटन खुले रूप से मुकर गई और समय आया तो शस्त्र उठाने तक का अपना निश्चय है, यह प्रकट किया। वह कृत्य देखते ही हमेशा की तरह अंगे्रजों ने ‘नेटिवों’ को धौंस-पट्टी दिखाना चालू किया। परंतु अब वहां पहले के ‘नेटिव’ नहीं थे, यह बात उस