1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

के लिए था। स्वदेश और स्वधर्म की रक्षा के लिए सुखे-दुःखे समे कृत्वा’ मंगल पांडे की तलवार म्यान से बाहर निकली थी। स्वदेश ओर स्वधर्म का अपमान देखने से मुत्यु भली है-यह वज्र निश्चय करके ही वह बाहर निकला था। इस कार्य में जैसी उसकी स्वदेश-भक्ति और स्वधर्म-प्रीति दिखाई दी, वैसा ही उस युवा की तलवार का पानी भी दिखाई दिया। ऐसे युवा को फांसी का दंड सुनाया गया। दिनांक 8 अप्रैल उसकी फांसी के लिए तय हुआ। शहीदों के रक्त में क्या तेज होता है,


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के लिए था। स्वदेश और स्वधर्म की रक्षा के लिए सुखे-दुःखे समे कृत्वा’ मंगल पांडे की तलवार म्यान से बाहर निकली थी। स्वदेश ओर स्वधर्म का अपमान देखने से मुत्यु भली है-यह वज्र निश्चय करके ही वह बाहर निकला था। इस कार्य में जैसी उसकी स्वदेश-भक्ति और स्वधर्म-प्रीति दिखाई दी, वैसा ही उस युवा की तलवार का पानी भी दिखाई दिया। ऐसे युवा को फांसी का दंड सुनाया गया। दिनांक 8 अप्रैल उसकी फांसी के लिए तय हुआ। शहीदों के रक्त में क्या तेज होता है,


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