1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

का साहस भरा क्रांतिकारी कार्य माना जाने लगा था। इसके लिए नए-नए तरीके खोजे गए। अपने सामन की पेटी में नकली तली के नीचे छिपाकर पुस्तक लाना एक तरीका था। इस तरीके को अपनानेवालों में सिकंदर हयात खान और आसफ अली जैसे प्रसिद्व लोगों के नाम भी आते हैं।

पुस्तक की भाषा तो ओजस्वी थी ही, उसमें प्रस्तुत तथ्यों को चुनौति दे पाना ब्रिटिश इतिहासकारों के लिए संभव नहीं हो रहा था। ‘टाइम्स’ संवाददाता वेलेंटाइन चिरोल ने


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का साहस भरा क्रांतिकारी कार्य माना जाने लगा था। इसके लिए नए-नए तरीके खोजे गए। अपने सामन की पेटी में नकली तली के नीचे छिपाकर पुस्तक लाना एक तरीका था। इस तरीके को अपनानेवालों में सिकंदर हयात खान और आसफ अली जैसे प्रसिद्व लोगों के नाम भी आते हैं।

पुस्तक की भाषा तो ओजस्वी थी ही, उसमें प्रस्तुत तथ्यों को चुनौति दे पाना ब्रिटिश इतिहासकारों के लिए संभव नहीं हो रहा था। ‘टाइम्स’ संवाददाता वेलेंटाइन चिरोल ने


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