सन् 1910 में प्रकाशित अपनी पुस्तक ‘इंडियन अनरेस्ट’ में लिखा कि ‘‘यह भारतीय विद्रोह का अद्भुत इतिहास है, जिसमें गहन शोध और तथ्यों की भयंकर विकृति का मिश्रण है। इसमें एक महान् साहित्यिक प्रतिभा ने राक्षसी घृणा को परोसा है।’’
14
ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रकाशन-पूर्व प्रतिबंध की असामान्य घोषणा ने पुस्तक को एकदम लोकप्रिय बना दिया। प्रत्येक देशभक्त युवा अंतःकरण उसे पढ़ने के लिए छटपटाने लगा। उस दुर्लभ पुस्तक
सन् 1910 में प्रकाशित अपनी पुस्तक ‘इंडियन अनरेस्ट’ में लिखा कि ‘‘यह भारतीय विद्रोह का अद्भुत इतिहास है, जिसमें गहन शोध और तथ्यों की भयंकर विकृति का मिश्रण है। इसमें एक महान् साहित्यिक प्रतिभा ने राक्षसी घृणा को परोसा है।’’
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ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रकाशन-पूर्व प्रतिबंध की असामान्य घोषणा ने पुस्तक को एकदम लोकप्रिय बना दिया। प्रत्येक देशभक्त युवा अंतःकरण उसे पढ़ने के लिए छटपटाने लगा। उस दुर्लभ पुस्तक