1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

प्रत्यक्ष अग्नि नारायण ही क्रांति पक्ष की गुप्त समिति का सदस्य बन गया है। बहुत आग गली और जो आग लगानेवाले को पकड़वा देगा, उसको हजारों रूपयों के इनाम भी घोशित किए गए। पर एक आदमी भी सूचना न देता। अंत में परेषान होकर स्वयं कमांडर-इन-चीफ अॅन्सन गवर्नर जनरल को लिखता है-

श्प्ज पे तमंससल ेजतंदहम जींज जीम पदबमदकपंतपमे ेीवनसक दमअमत इम कमजमबजमकण् म्अमतलवदम पे वद जीम ंसमतज ीमतमए इनज ेजपसस जीमतम पे दव बसनम जव


420 of 2102

प्रत्यक्ष अग्नि नारायण ही क्रांति पक्ष की गुप्त समिति का सदस्य बन गया है। बहुत आग गली और जो आग लगानेवाले को पकड़वा देगा, उसको हजारों रूपयों के इनाम भी घोशित किए गए। पर एक आदमी भी सूचना न देता। अंत में परेषान होकर स्वयं कमांडर-इन-चीफ अॅन्सन गवर्नर जनरल को लिखता है-

श्प्ज पे तमंससल ेजतंदहम जींज जीम पदबमदकपंतपमे ेीवनसक दमअमत इम कमजमबजमकण् म्अमतलवदम पे वद जीम ंसमतज ीमतमए इनज ेजपसस जीमतम पे दव बसनम जव


420 of 2102