प्रत्यक्ष अग्नि नारायण ही क्रांति पक्ष की गुप्त समिति का सदस्य बन गया है। बहुत आग गली और जो आग लगानेवाले को पकड़वा देगा, उसको हजारों रूपयों के इनाम भी घोशित किए गए। पर एक आदमी भी सूचना न देता। अंत में परेषान होकर स्वयं कमांडर-इन-चीफ अॅन्सन गवर्नर जनरल को लिखता है-
श्प्ज पे तमंससल ेजतंदहम जींज जीम पदबमदकपंतपमे ेीवनसक दमअमत इम कमजमबजमकण् म्अमतलवदम पे वद जीम ंसमतज ीमतमए इनज ेजपसस जीमतम पे दव बसनम जव
प्रत्यक्ष अग्नि नारायण ही क्रांति पक्ष की गुप्त समिति का सदस्य बन गया है। बहुत आग गली और जो आग लगानेवाले को पकड़वा देगा, उसको हजारों रूपयों के इनाम भी घोशित किए गए। पर एक आदमी भी सूचना न देता। अंत में परेषान होकर स्वयं कमांडर-इन-चीफ अॅन्सन गवर्नर जनरल को लिखता है-
श्प्ज पे तमंससल ेजतंदहम जींज जीम पदबमदकपंतपमे ेीवनसक दमअमत इम कमजमबजमकण् म्अमतलवदम पे वद जीम ंसमतज ीमतमए इनज ेजपसस जीमतम पे दव बसनम जव