अपराध मेरा न होकर इस राज्य व्यवस्था का है। फिर मुझे क्यों नहीं छोड़ते?’’ इन बातों से सिपाही बहादुर थोडे़ होश में आए और सारी राज्य व्यवस्था को एकदम मारना चाहिए, यह मानकर लौट आए। पर यह बात अधिकारियों तक गई और तुरंत ही हेनरी लाॅरेंस ने पलटन को धोखे से तोपखाने की मार में खड़ा करके निःशस्त्र कर दिया।
परंतु मेरठ की ओर तो दांव इससे भी अधिक रंगत पकड़ रहा था। कारतूसों के संबंध में सिपाही वास्तविक शिकायत करते हैं या नहीं,
अपराध मेरा न होकर इस राज्य व्यवस्था का है। फिर मुझे क्यों नहीं छोड़ते?’’ इन बातों से सिपाही बहादुर थोडे़ होश में आए और सारी राज्य व्यवस्था को एकदम मारना चाहिए, यह मानकर लौट आए। पर यह बात अधिकारियों तक गई और तुरंत ही हेनरी लाॅरेंस ने पलटन को धोखे से तोपखाने की मार में खड़ा करके निःशस्त्र कर दिया।
परंतु मेरठ की ओर तो दांव इससे भी अधिक रंगत पकड़ रहा था। कारतूसों के संबंध में सिपाही वास्तविक शिकायत करते हैं या नहीं,