1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

होकर कर्कश गर्जना करते इकट्ठा हो गए। त बवह कमिश्नर अपने बटलर के पांव पड़ने लगा और पैरों के नीचे फैली आग और चारों ओर शत्रुओं का घेराव, मृत्यु के ऐसे जबड़े से अपने परिवार को बचाने के लिए उसकी चिरौरी करने लगा। वह बटलर उस पर द्रवित हो गया और क्रांतिकारियांे से बोला, ‘‘कमिश्नर घर में नहीं है’’ और जहां वह छिपा था उसकी विपरीत दिशा में चलने का आग्रह करते हुए उन्हें दूर तक ले गया। इतने में वह कमिश्नर गिरते घर


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होकर कर्कश गर्जना करते इकट्ठा हो गए। त बवह कमिश्नर अपने बटलर के पांव पड़ने लगा और पैरों के नीचे फैली आग और चारों ओर शत्रुओं का घेराव, मृत्यु के ऐसे जबड़े से अपने परिवार को बचाने के लिए उसकी चिरौरी करने लगा। वह बटलर उस पर द्रवित हो गया और क्रांतिकारियांे से बोला, ‘‘कमिश्नर घर में नहीं है’’ और जहां वह छिपा था उसकी विपरीत दिशा में चलने का आग्रह करते हुए उन्हें दूर तक ले गया। इतने में वह कमिश्नर गिरते घर


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