रेजिमेंट के साथ एक उŸाम तोपखाना उनके पास था। ऐसी स्थिति में सिपाहियों को सफलता मिलने की संभावना बिल्कुल नहीं थी। विद्रोह होते ही वहां अंगे्रजों से प्रतिशोध लेने का कार्य मेरठ शहर को सौंपकर विद्रोही सिपाही तत्काल इसी उद्देश्य से दिल्ली की ओर जा रहे थे। उनका पीछा कर उन्हें रोकना और पूर्ण नाश करने का काम भी बड़ा सरल था। पर अंगे्रजी सेना और उनके अधिकारियों में उस समय जो भीरूता, अव्यवस्था और चिंता दिखाई
रेजिमेंट के साथ एक उŸाम तोपखाना उनके पास था। ऐसी स्थिति में सिपाहियों को सफलता मिलने की संभावना बिल्कुल नहीं थी। विद्रोह होते ही वहां अंगे्रजों से प्रतिशोध लेने का कार्य मेरठ शहर को सौंपकर विद्रोही सिपाही तत्काल इसी उद्देश्य से दिल्ली की ओर जा रहे थे। उनका पीछा कर उन्हें रोकना और पूर्ण नाश करने का काम भी बड़ा सरल था। पर अंगे्रजी सेना और उनके अधिकारियों में उस समय जो भीरूता, अव्यवस्था और चिंता दिखाई