1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar



प्रकरण-3

दिल्ली

श्रीमंत नाना साहब पेशवा अप्रैल के अंतिम भाग में दिल्ली आ गए थे। तब निश्चिित हुई बातों के अनुसार 31 मई के रविवार की सारे लोग उत्सुकता से राह देख रहे थे। दिनांक 31 मई को सारे हिंदुस्थान भर में ‘हर-हर महादेव’ एक साथ गूंज उठा होता तो सच में अंगे्रजी साम्राज्य की इतिश्री होने और स्वतंत्रता की विजय दुंदुभि बजाने के लिए इतिहास को अधिक देर ठहरना न पड़ता; परंतु मेरठ के अग्रिम विद्रोह से


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प्रकरण-3

दिल्ली

श्रीमंत नाना साहब पेशवा अप्रैल के अंतिम भाग में दिल्ली आ गए थे। तब निश्चिित हुई बातों के अनुसार 31 मई के रविवार की सारे लोग उत्सुकता से राह देख रहे थे। दिनांक 31 मई को सारे हिंदुस्थान भर में ‘हर-हर महादेव’ एक साथ गूंज उठा होता तो सच में अंगे्रजी साम्राज्य की इतिश्री होने और स्वतंत्रता की विजय दुंदुभि बजाने के लिए इतिहास को अधिक देर ठहरना न पड़ता; परंतु मेरठ के अग्रिम विद्रोह से


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