1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

लगाने का प्रयास किया; पर वह एक धक्के से चरमरा गया और सिपाहियों की तलवार के नीचे वह जेनिंग, उसकी युवा कन्या, उसके यहां की मेहमान एक अंगे्रज स्त्री का खात्मा हो गया। दिल्ली के रास्ते पर से मरते-मरते दोड़ा कैप्टन डगलस कहां है? भेजो उसे यम के घर! और ये कोने में घुसे कलेक्टर साहब! उन्हें भी जीवन की पंेशन पर भेजो। अब दिल्ली के राजमहल में फिरंगी सŸाा कानाम भी शेष नहीं रहा। अब जरा शांत बैठने में कोई हानि नहीं।


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लगाने का प्रयास किया; पर वह एक धक्के से चरमरा गया और सिपाहियों की तलवार के नीचे वह जेनिंग, उसकी युवा कन्या, उसके यहां की मेहमान एक अंगे्रज स्त्री का खात्मा हो गया। दिल्ली के रास्ते पर से मरते-मरते दोड़ा कैप्टन डगलस कहां है? भेजो उसे यम के घर! और ये कोने में घुसे कलेक्टर साहब! उन्हें भी जीवन की पंेशन पर भेजो। अब दिल्ली के राजमहल में फिरंगी सŸाा कानाम भी शेष नहीं रहा। अब जरा शांत बैठने में कोई हानि नहीं।


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